अमेरिका ने वीजा मामले को अधिकारियों के आगे उठाया है: भारतीय दूतावास

अमेरिका ने वीजा मामले को अधिकारियों के आगे उठाया है: भारतीय दूतावास

भारतीय दूतावास ने बुधवार को कहा कि उस मामले को अधिकारियों के आगे उठाया है जिसमें कोरोना के चलते छात्र वीजा की आवश्यकताओं में संशोधन की घोषणा की गई है। दूतावास ने कहा कि नए संशोधनों से देश में अपनी पढ़ाई करने के इच्छुक कुछ भारतीय छात्रों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

भारतीय दूतावास ने एक बयान में कहा कि "ये नया संशोधन ऐसे समय में हैं जब अमेरिका के कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को नए शैक्षणिक वर्ष के लिए अपनी योजनाओं की घोषणा करना बाकी है, अमेरिका में अपनी पढ़ाई करने के इच्छुक कुछ भारतीय छात्रों के लिए अनिश्चितता और कठिनाइयों की संभावना है। 07 जुलाई 2020 को आयोजित भारत-यूएस विदेश कार्यालय परामर्श में विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने इस मामले पर हमारी चिंताओं को राजनीतिक मामलों के राज्य सचिव डेविड हेल के आगे रखा था।"

ट्रम्प प्रशासन ने उन एफ -1 और एम -1 (गैर-शैक्षणिक और व्यावसायिक छात्रों) वीजा धारकों के लिए घोषणा की जो केवल ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे हैं। उन्हें यू.एस. में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। एक सूत्र ने कहा, एफ -1 वीजा छात्रों का मुद्दा भारत-अमेरिका विदेश कार्यालय बातचीत के दौरान उठाया गया था। अमेरिकी पक्ष ने इस पर ध्यान दिया और कहा कि वे छात्रों के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखेंगे और प्रभाव को कम करने की कोशिश करेंगे।

उन्होंने कहा कि विस्तृत कार्यान्वयन दिशानिर्देश अभी सामने नहीं आए हैं। अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (डीएचएस) के भीतर एक एजेंसी, ICE ने सोमवार को घोषणा की कि संयुक्त राज्य अमेरिका में कोर्स करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्र जिनकी कोरोना के चलते ऑनलाइन क्लास हो रही हैं उनको देश छोड़ना होगा।