अमेरिका ने फिर दिया भारत का साथ, लद्दाख हिंसा पर चीन को जमकर लताड़ा

अमेरिका ने फिर दिया भारत का साथ, लद्दाख हिंसा पर चीन को जमकर लताड़ा

वॉशिंगटन: अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (Mike Pompeo) ने बुधवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख में हाल ही में भारत के खिलाफ चीन (China) की सेना द्वारा शुरू की गई झड़पें चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के ‘अस्वीकार्य व्यवहार’ का नवीनतम उदाहरण है.

उन्होंने टिकटॉक सहित 59 चीनी ऐप को प्रतिबंधित करने के भारत के निर्णय की प्रशंसा की और कहा कि ये भारत के लोगों के लिए सुरक्षा पर खतरा थीं.

पोम्पियो ने कहा, ‘ये महत्वपूर्ण है कि हमारे जैसा लोकतंत्र मिलकर काम करे, खासकर तब जब चीनी कम्युनिस्ट पार्टी स्पष्ट रूप से चुनौतियां पेश कर रही है.’

उन्होंने भारत को विश्वास की कसौटी पर खरा उतरे गिने चुने देशों में एक बताते हुए कहा कि नई दिल्ली एक महत्वपूर्ण साझेदार है और राष्ट्रपति ट्रंप की विदेश नीति में एक अहम स्तंभ है.

उन्होंने कहा, ‘उन्हें इस बात का जिक्र करते हुए खुशी हो रही है कि भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में और वैश्विक स्तर पर अमेरिका के रक्षा एवं सुरक्षा साझेदार के रूप में उभर रहा है. ’

पोम्पियो ने कहा, ‘हमारी आधारभूत परियोजनाएं, हमारी आपूर्ति श्रृंखला, हमारी संप्रभुता और हमारे लोगों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सभी कुछ खतरे में हैं. काश हम इसे झुठला सकते.’ उन्होंने अमेरिका भारत व्यावसायिक परिषद् की वार्षिक इंडिया आइडियाज समिट के मुख्य सत्र को संबोधित करते हुए ये कहा.

उन्होंने कहा, ‘पीएलए द्वारा हाल में शुरू की गई झड़पें सीसीपी के अस्वीकार्य व्यवहार के नवीनतम उदाहरण हैं. भारतीय सेना के 20 जवानों की इसमें मौत होने पर हमें गहरा दुख है. मुझे विश्वास है कि अपने लगातार प्रयास से हम अपने हितों की रक्षा कर सकते हैं.’

बता दें कि पूर्वी लद्दाख में 5 मई से वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास भारत और चीन की सेना के बीच कई इलाकों में गतिरोध जारी है. स्थिति पिछले महीने और खराब हो गई जब गलवान घाटी में संघर्ष में 20 भारतीय सैनिक मारे गए.

पोम्पियो को टिप्पणी अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर के उस बयान के एक दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि क्षेत्र में चीनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की आक्रामक गतिविधियां अस्थिरता पैदा करने जैसी हैं.