किडनैपर्स के चंगुल से छुड़ाए गए चीन के छठे सबसे अमीर शख्स, 5 लोग गिरफ्तार

नई दिल्ली: चीन के अरबपति ही जियांगजिन को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया गया है. अपहरणकर्ताओं ने उनका अपहरण उनके बंगले से किया था. इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. चीन (China) के अरबपति ही जियांगजिन मिदा ग्रुप के संस्थापक हैं. 77 साल के जियांगजिन 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर की संपत्ति के मालिक बताए जाते हैं और फोर्ब्स के अनुसार चीन के छठे सबसे अमीर इंसान हैं.

गुआंगडोंग के फोशन में उनके बंगले से जब उन्हें किडनैप किया गया तब अपहरणकर्ताओं के पास विस्फोटक भी थे. स्थानीय चीनी मीडिया ने यह जानकारी दी. चीन के अरबपति ही जियांगजिन की कंपनी दुनिया में होम अप्लायंस बनाने वाली छठी सबसे बड़ी कंपनी है. TMTPost के मुताबिक, किडनैपिंग के तुरंत बाद उनके बेटे ने नदी पार करके पुलिस को बुलाया. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने सरकारी दस्तावेज के हवाले से कहा है कि इस पूरे ऑपरेशन में किसी को हताहत नहीं किया गया.

पुलिस ने कहा कि जियांगजिन सुरक्षित हैं और किडनैपिंग की सूचना के बाद से ही वे इस मामले पर बहुत सक्रियता से काम कर रही थी. रिपोर्ट के मुताबिक मिदा ग्रुप ने पुलिस, मीडिया और सभी दलों का शुक्रिया अदा किया है. SCMP के मुताबिक, ही जियांगजिन अमीर तो हैं लेकिन वह बेहद लो प्रोफाइल रहा करते हैं. अकूत धन संपदा के मालिक होने के बावजूद वह लो प्रोफाइल रहते हैं. ये पूरी किडनैपिंग चीन में सुर्खियों में थी.

काफी गरीबी के जीवन से इस मुकाम तक पहुंचे ही जियांगजिन ने 26 साल की उम्र में कारोबार शुरू किया था. उनका मिदा ग्रुप अभ शेनझेन में लिस्टेड है और उसकी मार्केट वैल्यू है 419 बिलियन युआन (59 बिलियन अमेरिकी डॉलर). कई फैक्ट्रियों में काम करने के बाद और कई खेतों फॉर्म्स में काम कर चुके जियांगजिन ने स्कूल के बीच से ही पढ़ाई छोड़ दी थी. पढ़ाई छोड़ने की वजह उनकी गरीबी थी. गरीबी में पेट पालने के लिए वे पढ़ाई लिखाई तक पूरी नहीं कर पाए थे. 

SCMP की रिपोर्ट के मुताबिक, 2012 में उन्होंने रिटायरमेंट ले ली थी. हालांकि मिदा ग्रुप के एक तिहाई हिस्से पर अब भी मालिकाना हक उन्हीं का है. साथ ही वे अन्य 6 कंपनियों को भी कंट्रोल करते हैं जिनमें मिदा प्रॉपर्टीज (हॉन्गकॉन्ग) और जर्मन रोबोटिक्स कंपनी कूका भी शामिल हैं.