दो दिवसीय दौरे पर लेह पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, साथ में हैं CDS बिपिन रावत

दो दिवसीय दौरे पर लेह पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, साथ में हैं CDS बिपिन रावत

नई दिल्ली: भारत-चीन सीमा (India-China) पर तनाव जारी है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) आज लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) इलाके का दौरा करने के लिए लेह पहुंच चुके हैं. उनके साथ CDS बिपिन रावत भी हैं. दो दिवसीय दौरे पर राजनाथ सिंह जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जाएंगे. वे LAC के साथ-साथ LoC का भी जायजा लेंगे. इस दौरान रक्षा मंत्री के साथ चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भी साथ होंगे.

रक्षामंत्री पूर्वी लद्दाख में फॉरवर्ड पोस्ट का दौरा करेंगे. रक्षा मंत्री उत्तरी कमांड और लेह कोर कमांडर से हालात का जायजा लेंगे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज ही जम्मू-कश्मीर भी पहुंचेंगे और LOC पर सेना की तैयारियों का जायजा लेंगे. राजनाथ सिंह श्रीनगर में पाकिस्तान सीमा पर फॉरवर्ड इलाकों का दौरा भी करेंगे.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के इस दौरे से एक साथ चीन और पाकिस्तान दोनों के लिए संदेश है. चीन के लिए संदेश ये है कि भारत को ना तो उसका विस्तारवाद बर्दाश्त है और है और ना चीन की अतिक्रमणवाली नीति को सहा जाएगा. पाकिस्तान के लिए संदेश ये है कि PoK पर अब उसके कब्जे के अंत का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. पाकिस्तान के लिए दूसरा संदेश ये है कि किसी भी आतंकी हमले की सूरत में भारत अब घुसकर मारेगा।

भारत के प्रहार और बहिष्कार वाली नीति से चीन को भी समझ आ चुका है कि गलवान में भारत से टकराकर उसने बड़ी गलती कर दी जिसकी बड़ी कीमत अब उसे चुकानी होगी.

इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट के जरिए जानकारी देते हुए कहा था, 'मैं लद्दाख और जम्मू-कश्मीर की दो दिवसीय यात्रा पर लेह के लिए रवाना हो रहा हूं. मैं सीमाओं पर स्थिति की समीक्षा करने और क्षेत्र में तैनात सशस्त्र बल के जवानों के साथ बातचीत करूंगा.'

गलवान घाटी में हुई थी हिंसक झड़प
आपको बता दें कि पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच 15 जून को हिंसक झड़प हुई थी. इस झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हुए थे, जबकि चीन को भी भारी नुकसान हुआ था.

मोदी ने की थी जवानों से मुलाकात
जुलाई के पहले हफ्ते में ही राजनाथ सिंह को लेह दौरे पर जाना था, लेकिन उनका दौरा अचानक से रद्द हो गया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लेह पहुंचे थे. इस दौरान पीएम मोदी ने सैनिकों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया था और चीन को कड़ा संदेश दिया था.