फर्जी जज बनकर पुलिस पर रौब जमाने वाले शातिरों का भंडाफोड़, पुलिस ने धर दबोचा

लखनऊ: पुलिस ने एक ऐसे गिरोह के दो सदस्यों को पकड़ा है, जो जज के नाम पर फर्जी कॉल करके पुलिसवालों पर धौंस जमाते थे और उनसे अपना काम निकलवाते थे. विभूतिखंड पुलिस के हत्थे चढ़े दोनों आरोपियों का नाम तौसीफ हक और समरेंद्र महातम राय है. दोनों ही पुलिस को जजों के नाम पर फर्जी कॉल करते थे और उन पर धौंस जमाकर काम करवाते थे. पुलिस ने दोनों की आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया है. 

सर्विलांस के जरिये पकड़े गए शातिर जालसाज 
आरोपी पुलिस थानों में दर्ज मुकदमों में फाइनल रिपोर्ट लगवाने के लिए अलग-अलग नामों से पुलिसकर्मियों को फोन करते थे. ताजा गतिविधि में उन्होंने विभूतिखंड थाने में दर्ज एक मामले में भी फाइनल रिपोर्ट लगाने के लिए फोन किया था और हाईकोर्ट का जज बनकर ACP को फटकार लगाई थी. संदेह होने पर एसीपी विभूतिखंड स्वतंत्र कुमार सिंह ने इसकी छानबीन कराई तो जालसाजों की पोल खुल गई. आरोपी लोगों से पैसे लेकर उनके खिलाफ दर्ज मामलों में अंतिम रिपोर्ट लगवाने की डील करते थे.

पहले से दर्ज है धोखाधड़ी का मुकदमा 
आरोपी समरेंद्र राय समेत उसकी पत्नी पर पहले से ही मुकदमे दर्ज हैं. दोनों के खिलाफ विभूतिखण्ड थाने में ही धोखाधड़ी का केस पहले से दर्ज है. वे अब तक अलग-अलग जजों के नाम से पुलिस अधिकारियों को फोन लगाकर काम करने का दबाव बनाते थे. अब तक उन्होंने पैसे लेकर कई बार काम करवा भी लिया था, लेकिन इस बार उनकी जालसाजी पुलिस की नजरों में आ गई और वो सलाखों के पीछे पहुंच गए.