बिना कोई निशान छोड़े अचानक गायब हुआ विशाल तारा, वैज्ञानिक भी हैरान

बिना कोई निशान छोड़े अचानक गायब हुआ विशाल तारा, वैज्ञानिक भी हैरान

डबलिन: एक विशाल तारा (giant star), जिस पर खगोलविद (Astronomers) 10 वर्षों से अधिक समय से नजर रखे हुए थे अचानक गायब हो गया है. यह तारा 75 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर एक बौनी आकाशगंगा (Dwarf Galaxy) में स्थित था और ज्ञात ब्रह्मांड में सबसे बड़े सितारों में से एक था. सूरज से 2.5 गुना अधिक चमकीले इस तारे ने अपने पीछे कोई निशान नहीं छोड़ा है, लिहाजा ऐस्ट्रनॉमर्स इस बारे में ज्यादा कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं. उन्हें भी समझ नहीं आ रहा है कि आखिर ऐसा कैसे हुआ? हालांकि इसके दो संभावित कारण नजर आते हैं. पहला, इसमें बहुत बड़ा विस्फोट हुआ या दूसरा यह ब्लैकहोल में समा गया. 

आमतौर पर जब तारे गायब होते हैं, तो एक विशाल सुपरनोवा पहले देखा जाता है. इस तारे पर खगोलविद 2001 से नजर रखे हुए थे. Kinman Dwarf गैलेक्सी में स्थित इस तारे के बारे में कहा जाता है कि यह विकास के आखिरी चरण में था, जिसका अर्थ है कि इसमें जल्द विस्फोट हो सकता था. 

यह नीला तारा आकाशगंगा में बहुत दूर स्थित था, इस वजह से उस पर नजर रखना मुश्किल हो गया था.  खगोलविद केवल इसके सिग्नेचर के आधार पर इसकी निगरानी कर रहे थे. शोधकर्ताओं ने 2001-2011 के बीच इसके सिग्नेचर के आधार पर विश्लेषण करना शुरू किया था. 

"ब्लू वैरिएबल" के रूप में वर्गीकृत यह बहुत अस्थिर सितारों में से एक था, जिसकी चमक और थर्मल विकिरण में उतार-चढ़ाव होता रहता है. हालांकि, यही गुणवत्ता ऐसे सितारों का पता लगाना आसान बनाती है. गायब हुए इस तारे की मदद से वैज्ञानिक यह खोज कर रहे थे कि इतने विशाल सितारे मरते कैसे हैं. इस अध्ययन को जल्द ही रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के मासिक नोटिस में प्रकाशित किया जाएगा.

आयरलैंड के डबलिन स्थित ट्रनिटी कॉलेज के PhD छात्र एंड्रयू एलन ने कहा, ‘हम यह जानकार हैरान हैं कि आखिर इतना विशाल तारा अचानक कैसे गायब हो गया’? वैज्ञानिकों के अनुसार, जब किसी सितारे का ईंधन समाप्त हो जाता है, तो वह अपने ही गुरुत्वाकर्षण से मारा जाता है और तारे के अवशेष फटकर ब्रह्मांड में बिखर जाते हैं. इस तर्क के आधार पर संभव है कि गायब हुए तारे में विस्फोट हो गया हो, लेकिन सवाल यह है कि यदि इतने बड़े तारे में धमाका होता तो क्या वैज्ञानिकों को इसका पता नहीं चलता?