बिहार चुनाव: लालू-राबड़ी के शासनकाल को लेकर तेजस्वी ने जनता से मांगी माफी, कहा..

बिहार चुनाव: लालू-राबड़ी के शासनकाल को लेकर तेजस्वी ने जनता से मांगी माफी, कहा..

पटना: जनप्रतिनिधि सत्ता में आने के लिए क्या नहीं करते हैं. फिर वह चाहे जनता के सामने बड़े-बड़े वादे करने हों या फिर अपनी पुरानी गलती मानना पड़ा है. कुछ ऐसी ही तस्वीर बिहार में देखने को मिल रही है. दरअसल, इस साल के अंत में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं.

इस चुनाव पर पूरे देश की निगाहें लगी हुई हैं. क्योंकि लोकसभा चुनाव (Loksabha Chunav 2019) में नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और अमित शाह (Amit Shah) के नेतृत्व में बीजेपी (BJP) की लगातार दूसरी बार करिशमाई जीत ने विपक्ष को एकदम निराश कर दिया था. लेकिन दिल्ली में मिली बीजेपी की हार ने एक बार फिर से विरोधियों को बीजेपी पर निशाना साधने का मौका दिया था.

इस बीच, एक बार से विपक्षी दलों को बिहार में होने वाले चुनाव को लेकर आस जगी है और इसी को लेकर बीजेपी के खिलाफ महागठबंधन (Mahagathbandhan) बनाने की कवायद चल रही है. ऐसे बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) सत्ता में वापसी की कवायद में हरसंभव प्रयास करने में जुटे हैं.

इसी क्रम में तेजस्वी यादव ने गुरुवार को कहा, 'ठीक है 15 साल हम लोग सत्ता में रहे. पर हम तब सरकार नहीं थे, हम तो छोटे थे. पर इससे कोई इनकार नहीं कर सकता कि, लालू जी ने सामाजिक न्याय नहीं किया. उन 15 सालों में हमसे कोई भूल हुई हो तो हम उसके लिए भी माफी मांगते हैं.'

दरअसल, 1990 से लेकर 2005 तक बिहार में लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) और राबड़ी देवी (Rabri Devi) की नेतृत्व वाली आरजेडी (RJD) का शासनकाल था. इस शासनकाल को एनडीए (NDA) के तमाम घटक दलों ने 'जंगलराज' के रूप में परिभाषित किया है.

बीजेपी-जेडीयू (BJP-JDU) का आरोप है कि, लालू यादव और राबड़ी देवी के राज में अपराधियों का बोलबाला था.साथ ही भ्रष्टाचार अपने चरम पर था और कानून-व्यवस्था नाम की चीज बिहार में नहीं रह गई थी. बीजेपी-जेडीयू के नेताओं का मानना है कि, नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के नेतृत्व में बिहार बीते 15 वर्षों से लगातार विकास के पथ पर गया है और इसी को लेकर एनडीए 15 साल बनाम 15 साल का हिसाब आरजेडी से मांगती है. जबकि तेजस्वी यादव लगातार बिहार में डबल इंजन की सरकार पर निशाना साध रहे हैं. हालांकि, तेजस्वी के इस बायन ने एक बार विरोधियों को तंज कसने का मौका जरूर दे दिया है.