राजस्थान में फोन टैपिंग का मुद्दा गर्माया, BJP ने की CBI जांच की मांग

राजस्थान में फोन टैपिंग का मुद्दा गर्माया, BJP ने की CBI जांच की मांग

नई दिल्ली: राजस्थान में फोन टैपिंग का मुद्दा गर्मा गया है. बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए फोन टैपिंग कांड की सीबीआई जांच की मांग की है. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने शनिवार को गहलोत सरकार पर हमला बोलते हुए कई सवाल किए और उन पर कांग्रेस से जवाब मांगा है.

पात्रा ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा, "क्या राजस्थान में फोन टैपिंग की गई और अगर हां, तो क्या राज्य सरकार ने मानक प्रक्रिया का पालन किया. बीजेपी इस पूरे प्रकरण का CBI द्वारा जांच की मांग करती है. क्या एसओपी फॉलो हुआ, फोन टेपिंग इत्यादि किया गया? क्या सभी राजनीतिक पार्टी के सभी लोगों के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जा रहा है? इसको लेकर CBI द्वारा तत्कालीन जांच हो."

बीजेपी ने किए कांग्रेस से ये पांच बड़े सवाल:  बीजेपी की ओर से पात्रा ने पांच बड़े सवाल किए और कांग्रेस से उनका जवाब मांगा हैं. 
1. क्या राजस्थान में फोन टैंपिंग की गई. गहलोत सरकार को इसका जवाब देना ही चाहिए. 
2. अगर फोन टैपिंग हुई है तो क्या यह संवेदनशील और वैधानिक मामला नहीं है. 
3. अगर फोन टैपिंग हुई है तो क्या मानक प्रक्रिया का पालन किया गया है? 
4. क्या कांग्रेस ने राजस्थान की सरकार को बचाने के लिए असंवैधानिक तरीकों का इस्तेमाल किया? 
5. क्या राजस्थान में सभी के फोन टैप हो रहे हैं?

उन्होंने आगे पूछा, "क्या अप्रत्यक्ष रूप से क्या राजस्थान में इमरजेंसी लगा दी गई है? कांग्रेस का फोन टेपिंग को लेकर इतिहास भी है. चिदंबरम और प्रणब को देखा था. कैसे बगिंग कांड सामने आया था. क्या कांग्रेस द्वारा वही इतिहास आज दोहराया जा रहा है." 

पात्रा ने कहा कि राजस्थान में तथाकथित और प्रत्यक्ष की लड़ाई चल रही है. कांग्रेस षड़यंत्र कर रही है. पात्रा ने कहा, "राजस्थान में कांग्रेस का राजनीतिक ड्रामा हम देख रहे हैं. ये षड़यंत्र, झूठ फरेब और कानून को ताक पर रखकर कैसे काम किया जाता है, उसका मिश्रण है. वहां जो राजनीतिक नाटक खेला जा रहा है, वो यही मिश्रण है."

पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "राजस्थान की सरकार 2018 में बनी, अशोक गहलोत जी मुख्यमंत्री बनें, उसके बाद एक कोल्ड वॉर की स्थिति कांग्रेस पार्टी की सरकार में बनी रही. कल अशोक गहलोत जी ने स्वयं मीडिया के सामने आकर कहा है कि 18 महीने से मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के बीच में वार्तालाप नहीं हो रही थी."