1100 रुपये सस्ता सोना यहां मिल रहा है, सर्राफा बाजार से भी कम दाम में खरीदें मोदी सरकार से Gold

1100 रुपये सस्ता सोना यहां मिल रहा है, सर्राफा बाजार से भी कम दाम में खरीदें मोदी सरकार से Gold

आज सर्राफा बाजार से 1100 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता सोना खरीदने का आपके पास बेहतरीन मौका है। सर्राफा बाजारों में बुधवार को सोने की कीमतों ने एक और रिकॉर्ड कायम किया। 24 कैरेट सोने का दाम अब 49000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया है। अगर आप सोने में निवेश करना चाहते हैं तो आपके लिए खुशखबरी है। आपके पास सर्राफा बाजार से भी सस्ता सोना खरीदने का अभी भी 2 दिन का मौका है। 10 जुलाई तक आप मोदी सरकार से 4,8520 रुपये प्रति 10 ग्राम के हिसाब से 500 ग्राम तक सोना खरीद सकते हैं। बता दें सोना आपको सॉवरेन गोल्ड बांड के रूप में मिलेगा, फिजिकल रूप में नहीं।

1878 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता पड़ेगा सोना

अगर ऑनलाइन खरीदारी के साथ डिजिटल पेमेंट करते हैं तो आपको 500 रुपये की छूट हर 10 ग्राम पर मिलेगी। इस हिसाब से देखें तों आपको कुल 1100 रुपये से अधिक प्रति 10 ग्राम का फायदा है।  वहीं अगर दिल्ली सर्राफा बाजार में बुधवार को बंद सोने के हाजिर भाव से तुलना करें तो मोदी सरकार का सोना छूट के साथ आपको 1878 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता पड़ेगा। बुधवार को दिल्ली सर्राफ बाजार में सोना 723 रुपये की बढ़त के 49,898 रुपये प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ।

छूट भी मिलेगी अलग से

अगर आप ऑनलाइन निवेश करते हैं और इसके लिए डिजिटल पेमेंट करते हैं तो सरकार आप हर ग्राम पर 50 रुपये की छूट देगी। यानी एक ग्राम सोना आपको 4802 रुपये का पड़ेगा। वहीं अगर आप 10 ग्राम सोना लेते हैं तो आपको सीधे तौर पर 500 रुपये की बचत होगी। बता दें जून में 4,677 रुपये प्रति ग्राम के रेट से मोदी सरकार की सॉवरेन गोल्ड बांड की तीसरी किस्त के तहत 8 जून से लेकर 12 के लिए जारी की गई थी। 

सोना 53000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है

बता दें सोने के लिए यह साल अभूतपूर्व है। अब तक यह 20 फीसद से ज्यादा रिटर्न दे चुका है। अप्रैल-जून तीमाही में यह पिछले चार साल की तुलना में बेहतरीन रिटर्न दिया है। बढ़ती महंगाई के खिलाफ सोने में निवेश ज्यादा सुरक्षित है। वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण यह एक आकर्षक निवेश बन गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि दीवाली तक सोना 53000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। 

कहां और कैसे मिलेगा

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में एक वित्तीय वर्ष में एक व्यक्ति अधिकतम 500 ग्राम सोने के बॉन्ड खरीद सकता है। वहीं न्यूनतम निवेश एक ग्राम का होना जरूरी है। इस स्कीम में निवेश करने पर आप टैक्स बचा सकते हैं। बॉन्ड को ट्रस्टी व्यक्तियों, HUF, ट्रस्ट, विश्वविद्यालयों और धर्मार्थ संस्थानों को बिक्री के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा. वहीं ग्राहकी की अधिकतम सीमा 4 किलोग्राम प्रति व्यक्ति, एचयूएफ के लिए 4 किलोग्राम और ट्रस्टों के लिए 20 किलोग्राम और प्रति वित्तीय वर्ष (अप्रैल-मार्च) समान होगी।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम 2020-21की चौथी सीरीज की 10 मुख्य बातें

1. मोदी सरकार ऐसे समय में गोल्ड बॉन्ड लेकर आ रही है, जब घरेलू कीमतें नई ऊंचाई पर पहुंच रही हैं। वायदा बाजार में बुधवार को सोने की कीमतों में 48,982 प्रति 10 ग्राम की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था।

2.  सरकार की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा सॉवरेन गोल्ड बांड जारी किए जाते हैं। भौतिक सोने की मांग को कम करने और वित्तीय बचत में घरेलू बचत के एक हिस्से को स्थानांतरित करने के उद्देश्य से 2015 में सॉवरेन गोल्ड बांड योजना शुरू की गई थी।

3.  इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड द्वारा 999 शुद्धता वाले सोने के लिए लेटेस्ट क्लोजिंग प्राइस के आधार पर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स का निर्गम मूल्य तय किया गया है।

4. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में एक वित्तीय वर्ष में एक व्यक्ति अधिकतम 500 ग्राम सोने के बॉन्ड खरीद सकता है। वहीं न्यूनतम निवेश एक ग्राम का होना जरूरी है।

5.14 जुलाई को सोने के बॉन्ड की इस किस्त की जारी करने की तारीख तय की गई है।

6. बांड एक तारीख को जारी होने के पखवाड़े के भीतर स्टॉक एक्सचेंजों पर तरलता के अधीन हो जाते हैं।

7. आरबीआई ने अप्रैल में घोषणा की थी कि सरकार सितंबर तक छह ट्रेंच में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जारी करेगी। सितंबर तक जारी किए जाने वाले सोने के बॉन्ड की अन्य किस्त का विवरण ये है...

पांचवीं सीरीज: 3 अगस्त से लेकर 7 अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन लिया जा सकता है। इसकी किस्त 11 अगस्त को जारी की जाएगी।
छठी सीरीज: 31 अगस्त से लेकर 4 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन लिया जा सकता है। इसकी किस्त 8 सितंबर को जारी की जाएगी।

8. इसकी सबसे खास बात होती है कि निवेशक को सोने के भाव बढ़ने का लाभ तो मिलता ही है. साथ ही उन्हें इन्वेस्टमेंट रकम पर 2.5 फीसदी का गारंटीड फिक्स्ड ​इंटरेस्ट भी मिलता है।

9.  इन बॉन्ड्स की अवधि 8 साल की होती है और 5वें साल के बाद ही प्रीमैच्योर विड्रॉल किया जा सकता है। 

10. इस पर तीन साल के बाद लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा (मैच्योरिटी तक रखने पर कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगेगा) वहीं इसका लोन के लिए  इसका उपयोग कर सकते हैं।