38 साल बाद बैंक डकैती का आरोपी पकड़ा गया

38 साल बाद बैंक डकैती का आरोपी पकड़ा गया

बाड़मेर: पूरे देश में शुक्रवार को सुबह यूपी के कानपुर विकास दुबे के एनकाउंटर की खबर चर्चा में थी. उसी वक्त अचानक ही पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले में बॉर्डर के गडरा थाने में हड़कंप मच गया. जानकारी मिली कि किसी ने 67 साल के बुजुर्ग का अपहरण कर ले जाने की कोशिश की है. आनन-फानन में बाड़मेर पुलिस ने नाकाबंदी करवाई. जब नाकाबंदी में बुजुर्ग को रोका गया तो पता चला कि यह कार्रवाई गुजरात की एसओजी टीम की ओर से की गई है.

बाड़मेर के पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा के अनुसार गुजरात एटीएस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार दशक पहले बैंक डकैती, हत्या के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. बाड़मेर पुलिस ने तस्दीक के बाद एसओजी को गुजरात रवाना किया. गुजरात एसओजी गिरफ्तारी वारंट पर चार दशक से अधिक पुराने 1982 के बैंक डकैती और हत्या मामले में वांछित आरोपी शक्ति दान सिंह की तलाश कर रही थी. 

गुरुवार को गडरा रोड थाना क्षेत्र में देर रात शक्ति दान के घर पर गुजरात एसओजी ने दबिश दी और उठा लिया. जिसके बाद आनन-फानन स्थानीय लोगों ने शक्ति दान के अपहरण की पुलिस को सूचना दी. जिसके बाद बाड़मेर पुलिस की टीमों ने नाकेबंदी कर उनको पकड़ा तो पता लगा कि  गुजरात एसओजी की टीम है और बाड़मेर पुलिस को बिना सूचना के ही बैंक डकैती व हत्या के मामले मेंं उठा लिया. जिसके बाद एसओजी से गिरफ्तारी वारंट सहित कागजी जाँच के बाद बाड़मेर पुलिस ने गुजरात के लिए रवाना किया.

गौरतलब है कि शक्ति दान 1980 के दशक में कुख्यात अपराधी हुआ करता था, लेकिन कुछ समय बाद ही शक्तिदान ने राजस्थान सरकार के सामने सरेंडर कर दिया था. जिसके बाद सारे मामलों में शक्ति दान बरी हो गया था और अपनी जिंदगी आराम से घर पर गुजार रहा था, लेकिन वह शायद भूल गया था कि उसके खिलाफ गुजरात में भी इस तरीके का मामला है. 

अचानक कि गुजरात पुलिस की इस कार्रवाई के बाद पूरे गांव सहित सरहदी क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है. वहीं, बाड़मेर पुलिस अधीक्षक ने इस पूरे मामले की पुष्टि की है.