यहां रामचरितमानस का पाठ कर रहीं मुस्लिम महिलाएं, भगवान राम को मानती हैं पूर्वज

राम जन्मभूमि पूजन को लेकर हिन्दू ही नहीं बल्कि मुस्लिम समुदायों में भी काफी उत्साह देखने को मिल रहा है. इसका एक नजारा देखने को मिला वाराणसी में, जहां मुस्लिम महिलाओं ने हिंदू महिलाओं के साथ मिलकर रामचरितमानस का तीन दिवसीय पाठ शुरू किया है.

यहां रामचरितमानस का पाठ कर रहीं मुस्लिम महिलाएं, भगवान राम को मानती हैं पूर्वज

राम जन्मभूमि पूजन को लेकर हिन्दू ही नहीं बल्कि मुस्लिम समुदायों में भी काफी उत्साह देखने को मिल रहा है. इसका एक नजारा देखने को मिला वाराणसी में, जहां मुस्लिम महिलाओं ने हिंदू महिलाओं के साथ मिलकर रामचरितमानस का तीन दिवसीय पाठ शुरू किया है. इन मुस्लिम महिलाओं की मानें तो भगवान राम इनके भी पूर्वज थे.


हिंदू महिलाओं के साथ रामचरितमानस का पाठ और भजनों में खोई ये मुस्लिम महिलाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की हैं. वाराणसी के लमही गांव में स्थित मुस्लिम महिला फाउंडेशन की ओर से 3 दिन से रामचरितमानस का पाठ शुरू किया गया है. इसकी अगुवाई मुस्लिम महिलाएं हिंदू महिलाओं के साथ मिलकर कर रही हैं.

तीन दिवसीय रामचरितमानस के पाठ में मुस्लिम महिलाएं, हिंदू महिलाओं के साथ मिलकर राम के भजनों में भी तल्लीन नजर आती हैं. इन मुस्लिम महिलाओं ने बात करने पर बताया कि सैकड़ों वर्षों के लंबे इंतजार और कुर्बानी के बाद अब राम जन्म भूमि पूजन होने जा रहा है. चूंकि राम मुसलमानों के भी पूर्वज रहे हैं, इसलिए इसकी खुशी उन सभी मुस्लिमों को भी है. यही वजह है कि उन्होंने लगातार तीन दिनों तक के लिए रामचरितमानस का पाठ शुरू किया है.

इस मौके पर जुटी अन्य राम भक्त युवतियों का भी कहना है कि वे अयोध्या नहीं जा सकतीं इसलिए वे अपने शिव की नगरी काशी को अयोध्या की तरह सजाकर अपनी भक्ति प्रकट कर रही हैं. इसके लिए वे रंगोली सजाने से लेकर दीपक जलाने और रामचरितमानस के पाठ के साथ ही राम भक्ति के गीत भजन भी गाती रहेंगी.